सराय सागर मालटारी
" जीवित्पुत्रिका व्रत "
आज सराय सागर मालटारी गाँव में पुत्र के दीर्घायु होने की कामना का जीवित्पुत्रिका व्रत बुधवार को बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया गया। पूजन-अर्चन कर माताओं ने जहां पुत्र के दीर्घायु होने की कामना किया। वहीं महालक्ष्मी की कथा सुन परिवार की सुख-समृद्धि भी मांगी।
निराजल व्रती माताएं शाम होते ही गावँ के मंदिर के पास जहां गाय के गोबर से आसन (गोंठ) बनाया गया था। गाय के गोबर से महालक्ष्मी की मूर्ति बनाने के बाद उन्हें आसन दिया गया। इसके बाद विविध पूजन सामग्री चढ़ाने के बाद उनकी आरती उतारी गई। इसके बाद माताओं ने महालक्ष्मी की कथा सुनी और इसके बाद दर्शन-पूजन कर घरों के लिए चल दिया। घर पर पहुँचने के बाद माताओं ने बच्चों को लाल धागे में बंधे जिउतिया को पहनाया जिसमें सोने-चांदी के प्रतीक जिउतिया गुथी गई थी।
इस दौरान मंदिर के आसपास मेले जैसा दृश्य था। एक तरफ आस्था का सैलाब था वहीं छोटे बच्चों का उत्साह देखने लायक था, व्रती माताओं ने पूजन-अर्चन कर पुत्र के दीर्घायु की कामना किया।
रिपोर्ट- सराय सागर मालटारी ब्यूरो।
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