सराय सागर मालटारी "नागपंचमी" आज गांव में नागपंचमी का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है, गावँ की माताओं बहनों ने मंदिर पर भगवान शिव एवं नाग देवता की पूजा अर्चना की, बच्चों ने खेल कूद का आंनद उठाया। नागपंचमी पर विशेष - हिन्दू पंचांग के अनुसार सावन माह की शुक्ल पक्ष के पंचमी को नाग पंचमी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन नागों की पूजा की जाती है और उन्हें दूध पिलाया जाता है. इस दिन अष्टनागों की पूजा की जाती है और इस मंत्र का जाप किया जाता है. वासुकिः तक्षकश्चैव कालियो मणिभद्रकः. ऐरावतो धृतराष्ट्रः कार्कोटकधनञ्जयौ ॥ एतेऽभयं प्रयच्छन्ति प्राणिनां प्राणजीविनाम् ॥ (अर्थ: वासुकि, तक्षक, कालिया, मणिभद्रक, ऐरावत, धृतराष्ट्र, कार्कोटक और धनञ्जय - ये प्राणियों को अभय प्रदान करते हैं.) इस वर्ष पूजा का समय- नागपंचमी की पूजा सुबह सात बजकर एक मिनट से लेकर 28 जुलाई को सुबह 9 बजकर 16 मिनट तक की जा सकती है, धार्मिक ग्रंथों के मुता...
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